अरसे के बाद आप की कृति पढने को मिली. "जीते तुमजश्न मनाओ याद कभी करनाकिस से सीखीवर्णमाला"व्यर्थ समर्पण की सटीक कहानी.
क्या बात है गोयल जी उत्सुकता और है आगे पढ्ने की हर किसी को मुक्म्मल जहाँ नहीं मिलता
Vipin, You have an interesting blog. It was nice to read some of your talented and creative poetry. Gladly following your blog. You may like to follow mine. Here's my popular video. http://dharbarkha.blogspot.com/2010/08/say-no-to-dowry.html
जीते तुमजश्न मनाओ याद कभी करनाकिस से सीखीवर्णमाला......bahot achche......
बहुत अच्छी सुंदर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...
के बारे में महान पोस्ट "बहुत अच्छा किया..."
कुछ तो कहिये हम आपकी राय जानने को बेताब हैं
"Cogito, ergo sum"
अरसे के बाद आप की कृति पढने को मिली.
प्रत्युत्तर देंहटाएं"जीते तुम
जश्न मनाओ
याद कभी करना
किस से सीखी
वर्णमाला"
व्यर्थ समर्पण की सटीक कहानी.
क्या बात है गोयल जी उत्सुकता और है आगे पढ्ने की
प्रत्युत्तर देंहटाएंहर किसी को मुक्म्मल जहाँ नहीं मिलता
Vipin,
प्रत्युत्तर देंहटाएंYou have an interesting blog. It was nice to read some of your talented and creative poetry. Gladly following your blog. You may like to follow mine. Here's my popular video. http://dharbarkha.blogspot.com/2010/08/say-no-to-dowry.html
जीते तुम
प्रत्युत्तर देंहटाएंजश्न मनाओ
याद कभी करना
किस से सीखी
वर्णमाला......
bahot achche......
बहुत अच्छी सुंदर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...
प्रत्युत्तर देंहटाएंके बारे में महान पोस्ट "बहुत अच्छा किया..."
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